बन्दर और मगरमच्छ की दोस्ती (The Friendship of the Monkey and the Crocodile)
एक जंगल में बहुत सारे प्राणी रहते थे। उनमें से एक बड़ा बन्दर था जिसका नाम मोनू था। और दूसरी ओर एक छोटा सा मगरमच्छ रहता था जिसका नाम मगन था। मोनू और मगन दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। वे हमेशा साथ खेलते और मस्ती करते थे।
एक दिन, मगन अपने गांव में अपने मित्रों से मिलने गया था। उसके दोस्तों ने उसे बताया कि उनके गांव में बहुत सख्त किसान रहते हैं जो बन्दरों को बहुत नफरत करते हैं और उन्हें खुदाई कर देते हैं। मगन को यह सोचकर बहुत दुख हुआ कि उसका दोस्त मोनू उस गांव में खतरे में हो सकता है।
मगन ने जल्दी से अपने दोस्त मोनू के पास पहुंचकर उसे सब कुछ बता दिया। मोनू ने मगन की चिंता की और कहा, "मत चिंता करो मगन, हम दोस्त हैं और हमें कभी अलग नहीं होने देना। मैं तुम्हारे साथ चलूंगा और तुम्हें सहायता करूंगा।"
फिर मोनू ने एक बहुत बड़े और ख़तरनाक वृक्ष के ऊपर जा कर अपने लम्बे हाथों से बहुत सारे फल तोड़े और मगन को दिए। मगन ने खुशी-खुशी वह फल खाये और उसके दोस्त मोनू का आभारी हो गया।
जिस तरह से मोनू ने अपने दोस्त की मदद की, उससे मगन ने समझ लिया कि अच्छे दोस्त हमेशा आपकी मदद करते हैं और आपसी सहायता करते हैं। इसके बाद से मगन और मोनू की दोस्ती और भी मजबूत हुई और वे हमेशा साथ में खेलते और मिल-जुलकर मस्ती करते।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अच्छे दोस्त हमेशा आपके साथ होते हैं और आपको कभी अकेला नहीं छोड़ते।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अच्छे दोस्त हमेशा आपके साथ होते हैं और आपको कभी अकेला नहीं छोड़ते।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment