सबका साथ, सबका विकास (Unity is Strength)
एक गांव में चार मित्र रहते थे - चींटी, मदारी, भालू और कौवा। वे सभी दिनभर एक साथ खेलते और मिल-जुलकर मस्ती करते थे। लोग उनके मित्रता को देखकर बहुत प्रशंसा करते थे।
एक दिन, उन्होंने सोचा कि क्यों न वे सभी एक साथ मिलकर कुछ अच्छा काम करें। वे सभी एक नदी के किनारे एक बड़ा खेत खोलने का फैसला किया। वे एक साथ मिलकर खेत खोलने के लिए काम करने लगे।
चींटी ने धरती की खुदाई की, मदारी ने खेत की भूमि को तैयार किया, भालू ने बड़े पत्थर और पेड़ों को काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया और कौवा ने बिजली के द्वारा खेत की सीढ़ियां बनाई। वे सभी मिलकर एक-दूसरे की मदद करते थे और साथ मिलकर काम को तेज़ी से पूरा कर रहे थे।
धीरे-धीरे, खेत खुल गया और उसमें फ़सल उगाने का समय आ गया। वे सभी खेत में फ़सल उगाने लगे।
एक दिन, खेत में आया एक सबज़ी विक्रेता। उसने देखा कि वे चार मित्र सभी कुछ मिलकर काम कर रहे हैं। वह आश्चर्यचकित हो गया और पूछा, "तुम चारों मिलकर एक साथ काम कर रहे हो? ऐसा कैसे हो सकता है?"
चींटी, मदारी, भालू और कौवा ने मिलकर एक साथ काम करने के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा, "हम सभी मिलकर एक साथ काम करते हैं और सहायता करते हैं ताकि हम सभी का समृद्धि से भरा जीवन हो सके। हम जानते हैं कि सभी के साथ सबका समृद्धि होना महत्वपूर्ण है।"
सबज़ी विक्रेता ने खुशी से उन्हें सभी का आभारी हो गया और उसने उन्हें ज़्यादा पैसे दिए।
इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि एक साथ मिलकर काम करने से हम सभी का समृद्धि होता है और एक-दूसरे की मदद करने से हम सभी का सहयोगी बनते हैं। एकता और सहयोग से हम हर मुश्किल को आसान बना सकते हैं और अपने लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं।
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